खुद की तुलना कभी भी किसी से मत करना |

खुद की तुलना कभी भी किसी से मत करना |

एक गांव था | गांव का नाम था | विलासपुर | वह उनकी प्रजा रहती थी | इस दौरान एक राज कुमार का बेटा रहता था | और एक दिन घुमनेचला गया था | और वो अपने दोस्तों  के साथ  मिलकर घूमने चला गया था | और उसका सबसे अच्छा दोस्त था राम जो की एक गरीब परिवार का बेटा था | इन दोनों  बहुत ही प्यार था | और इसकी वह जहा से बाकि के गाओ में खूब चर्चा हो रहा था | मशोर हो  था | 

और उसके बहुत सरे दोस्त भी  बन गए थे | कुछ दिन ऐसा ही बीतने लगा | 

अचानक से एक दिन राम के मन में एक एक  आया था की सुको भुला  नहीं पाया | क्या हुआ था उसके साथ आइये जानते है | तो हुआ ये था की जैसी ही हम लोग कुछ काम करते है | या पढाई करते है तो कुढ़ की तुलना किसी और से करते है |  ऐसा ही लीगो का और हमारा भी  सोच ऐसा हि है | 

    हम में से बहुत सरे लोग ऐसे होंगे की कुछ काम करते है फिर भी हम सोचते है की मई उसके जैसा क्यों नहीं हु | मैं  इतना कमजोर क्यों हु | मई क्यों नहीं कुढ़ को बोल पता हु की मई कर सकता हु | हम भी तो अपने लाइफ कुछ न कुछ चाहते है | लेकिन हम क्या चाहते है ये हमें अच्छी तरह से पता है की खुद की तुलना किसी और के साथ करते जा रहे है | वो अपने लाइफ में जिंदगी में कुछ  कर रहा है | वो टैलेंटेड है | उसको  सभी चीजों के बारे पता है | वो पढाई में भी तेज है |  वो मुझसे भी अच्छे तरीके से बात  कर लेता है | सभी चीजों में आगे रहता है | वो हर काम अच्छे से करता है | और उसे बाइक भी चलना  आता है | तब हम में बहुत सरे ऐसे लोग है की कुढ़ की काबिलियत पर शक करते रहते है |  पता नहीं क्यों मुझे एक बात  नहीं आती है की हम लोग कुढ़ दुसरो से अलग है | हमारा फिंगर प्रिंट  अलग है | चेहरा भी अलग है लोग भी अलग है उम्र भी अलग है | तो हम क्यों नहीं अलग हो सकते है | ऐसा कोई रूल्स तो नहीं है भगवान हमें इंसान बनाया है तो कुछ तो करना होगा अलग होने का | हम जब भी लोग इस पृथ्वी में आये आये है | तो हम कोई भी चीज लेकर के नहीं सिख के आये है | तो हमेशा एक बात रकना की हम सब भी अलग  अलग है | हमारा नेचर अलग  है |  हम किसी के जैसा बनाने की कोशिश मत करना वार्ना हम भूल जायेंगे की हम कोण  है | 

 

          एक बात बतावो मुझे हम उसके जैसा क्यों बने कभी सोचा है | अरे यार वो  फर्स्ट  लता है तो खुद से  पूछा है कभी मैं  क्यों ऐसा हु और  ऐसा है | क्यों का जवाब भी देता  हूँ | क्यों की मुझे उसके जैसा बन जायेंगे लेकिन वो थोड़ा दिन या कुछ महीने के लिए होगा फिर आपको थोड़ा लगेगा क्यों  उसकी जैसा बनना चाहते हो | मत करो  अपनी  लाइफ में अगर तुम को कुछ भी नहीं आता है तो उसके  को पढ़ना होगा, वो अगर क्लास १स्ट लरहा  है तो तुम भी तो कर सकते हो काम से काम कोशिश तो कर सकते हो | क्यों की हम  से कई लोग कुछदिन  प्रयास करते है लेकिन उसको लम्बे समय तक नहीं कर पते है पता नाही क्यों | 

   जिंदगी की सबक :-        

                  जिस कम को करने के लिए हम लोग कुछ समय लेते है तो उस कम को करना भी नामुमकिन हो जाता है | इसलिए उस कम को लागातर करना चाहिए | न की बिच में छोड़ना चाहिए |  

 

जिंदगी से हमें कुध की तुलना क्यों नहीं करनी चाहिए ➖

                            देखिये दोस्तों हम सब भी अपनी लाइफ में किसी की तुलना कभी मत करना एसा क्यों बोला मैंने क्यों की जब हम लोग कुध की तुलना किसी और से करेंगे तो अपनी लाइफ की वजूद क्या रहेगा | मेरे ख्याल से तो बिलकुल बी नहीं | एसा क्यों ?

क्यों की जब हम लोग ही उसके जेसा बनाने की कोशिश मत करना वर्ना बहुत जल्द कुध से ही गिरोगे | अपने नजरो में | सही बात है न | हम जेसा है उसी को क्यों नहीं एक्सेप्ट मन लेते हो की जेसा भी मै हूँ खुश हूँ अपने जिंदगी मैं | अपने आपसे प्यार करो खुद को काबिल बनावो | की दुनिया तुमको देखने के लिए तरस जाये ऐसा इंसान बनो | 

 

हम अलग है वो अलग है | उसको अच्छे से बात करना  है मुझे तो नहीं आता है  कर सकता हूँ | तुम पढ़ सकते हो उससे जायदा काबिल बन सकते हो कुछ  सहस  ते हो | 

सबकी अपनी अपनी जिंदगी है जनाब सब कोई बिजी है  अपने लाइफ में | किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है की आप क्या कर  रहे हो सिवाय अपने माता पिता के अलावा | इसी लिए  

 खुद की तुलना कभी किसी से मत करना | 

 

           और अच्छे से समझ ते है की इस कहानी को की आगे क्या हुआ था | तो राम जो लड़का था उसको कुछ भी पता नहीं था | वो कभी दुनिया दरी नहीं देखा था | लोग केसे है क्या करते है | राज पथ केसे चलता है | खेत के बर्मे कुछ भी नहीं पता था | पढाई भी नहीं होती थी | और उसकी खवाहिश थी की मुझे भी उसके जो दोस्त है उसके जेसा बनाने की कोशिश करता रहता था | लेकिन जन नहीं पाया और उसके जेसा बन नहीं पाया |हमारे पस दिमाग तो है लेकिन उसका सही इस्तमाल नहीं कर्नाजनता था | कुछभी सोच ता था | और भूल जाता था कुध से कुध को बहुत ज्यादा नफरत करता था | और मन ही मन सोच था  की मई सके जेसा कब बन पाउँगा | हम लोग है इसको इस तरह से भी तो सोच सकते थे न की मई उसके जेसा क्यों बनाना चाहता हु | मुझे पड़ना लिखना बाइक चलाना नहीं आता था लेकिन कोशिश तो कर रहा हु सबकी अपनी अपनी सोच है शमता है | लोग अलग है एक्सपीरियंस तजुर्बा अलग अलग है | तो हम उसके जेसा क्यों बनू क्या मिलगा उसे कॉपी करके कुछ भी तो नहीं | 

कॉपी मत करो आदत बनावो किसी कम को लेकर | आदत किसी को धेकने से बनता है कुछ हद तक |  नाकि किसी आदमी को देखा उसके जेसा बनाना है एसा सोच लिया है तो वो नहीं चलेगा आपको | या मुझे | उस आदत को पहचानो सोचो उसपे कम करो | 

 

निष्कर्ष : –   

                  इस कहानी हमें ये सिख मिलती है की हम कुध अलग है | किसी की जेसा बनाना हमारा कम नहीं है ,|  हम जेसे है वेसे ठीक है | कुछ कम कोअधुरा कभी मत करना उसको पूरी तरह से कम्पलीट करना है | और कम करते समय लम्बे समय तक करते रहना है  | 

   Don’t be Copy Paste from Others, उस कम को आदत बनावो की उस से अपनी लाइफ बदल जाये | 

 

Written by Suraj Kumar